कुछ परेशान हूँ
उसने, जिसने अभी लिखना भी नही सीखा
उसका शोक संदेश कैसे लिखूं ?
जैसे तैसे लिख भी दूँ,
तो उन माँ-बाप के दिल का
हाल कैसे महसूस करूँ ?
दिल का हाल समझ भी लूँ
तो, दूसरे देश की छोड़, अपने की सोच
ऐसा बोलने वालो को क्या जवाब दूं ?
और अपने देश में,
किसी माँ की कोख से निकला,
किसी बहन का भाई
जब खुले आम बलात्कार करे,
तो उस लड़की को कैसे इंसानियत मे विश्वास दिलाऊं
और धरती पर पल रहे इन हैवानों को कैसे इंसान समझुँ ?
उसने, जिसने अभी लिखना भी नही सीखा
उसका शोक संदेश कैसे लिखूं ?
जैसे तैसे लिख भी दूँ,
तो उन माँ-बाप के दिल का
हाल कैसे महसूस करूँ ?
दिल का हाल समझ भी लूँ
तो, दूसरे देश की छोड़, अपने की सोच
ऐसा बोलने वालो को क्या जवाब दूं ?
और अपने देश में,
किसी माँ की कोख से निकला,
किसी बहन का भाई
जब खुले आम बलात्कार करे,
तो उस लड़की को कैसे इंसानियत मे विश्वास दिलाऊं
और धरती पर पल रहे इन हैवानों को कैसे इंसान समझुँ ?
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