ठंड के लहर सी तुम्हारी यादें
फटे स्वेटर सा हमारा प्रेम
आलसी भोर में वो सिहरना
बाहों मे तेरी वो जलता अलाव
सूरज सी तपन बाँटे ये बदन
छुए जो तुझे बस मेरा ये मन्न
ले चल कही अब दूर मुझे
कल्पना की दुनियाँ से परे |
फटे स्वेटर सा हमारा प्रेम
आलसी भोर में वो सिहरना
बाहों मे तेरी वो जलता अलाव
सूरज सी तपन बाँटे ये बदन
छुए जो तुझे बस मेरा ये मन्न
ले चल कही अब दूर मुझे
कल्पना की दुनियाँ से परे |
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